पेच काश - yodi dong

पेच काश

Image result for image of hotel room
HOTEL ROOMS

पेच काश
सुरेश हमारा होटेल  की नया रूम बॉय है। पहाड़े था वह। बड़ा इनोसेंट था,पहले दिन ही
बोले थे वह-" साब जिन्दगी मै पहेली बार इतना बारे होटल देखा मैं ,गलती हमे हो माफ़ कर देना और मुझे साब सीखा देना। में सीख सकता है। बकै वह सीख ने की कोसिस मैं लगे रहता है. थोड़ा गड़बड़ करता ,लेकिन वह आपने मेहनत से जल्दी ही सीख रहा था.
पड़े लिखे काम था तो उसने आपने मेहनत से पूरा करता था उस कोमि को। आज आप लोगो को उसकी कहानी बता रहा हु।




उस दिन सुरेश बड़ा बीसी था रूम नंबर #३०२ को लेके। सरदर जी थे उस रूम का गेस्ट ,दिल खोल के टिप्स देते थे यह। रूम बॉय लोग हुरदंग मचा देता था उनकी सर्विस करने  क लिए। आज मैंने सुरेश को उस रूम में आल्लोट किये. .. मैं बार मैं था ,बार की दरवाज़ा से देखे दे रहा था ,सुरेश की जल्दी जल्दी आना जाना। आधा घंटा बाद मैं देखा ,सुरेश दरवाजा के पास दूसरे रूम बॉय से बाते  कर रहा है।उसके भी आधा घंटा बाद में देखा सुरेश हाथ में टूल बॉक्स लेके भागते हुए जा रहा  है। मैं सोच मैं पढ़  गए, k.k मेरे स्टुअर्ड को बोलै मैंने-केके देख तो सुरेश टूल बॉक्स लेके कहा जारहा है।
के के थोड़े देर बाद सुरेश को पकड़ ले आये और उसकी मुँह हसी से भरा हुआ है,हस्ते हस्ते बोलै "सर ,सुरेश पेचकस लेके जा रहाथा सरदर जी को सर्विस करने ,इसलिए टूल बॉक्स लेके जा रहाथा। सर जी ,आर्डर किये थे स्क्रू ड्राइवर कॉकटेल की ,और इसने ले जा रहाथा
पेचकस"।








No comments

Powered by Blogger.