valentines day - yodi dong

valentines day


Bengali valentines day-स्वरस्वती पूजा के समय होता है। 14 फेब्रुअरी यानी वैलेंटाइन्स डे से चार दिन पहले ,स्वरस्वती पूजा है ,10 फेब्रुअरी इस बार बसंत पंचमी है। बंगाल के कोने कोने में स्वरस्वती पूजा होते है। माता के मूर्ति के सामने छात्र और छत्रियो अंजलि देते है भक्ति के साथ। लड़किया पीला साड़ी पहन ते है,लड़के कुरता पंजाबी में सज ते है। इसी टाइम पे ज्यादा प्यार भी होता है इनलोगो में,सरे यंग है -एक दूसरे को
पसंद करते है।Woman Looking at Topiaries


    मेरे दोस्त थे कनाई लाल ,पोस्ट ऑफिस में नौकरी करते थे। डींगे मरते थे हमे बहुत ,"भाई आई  बिलीव इन लव at  फर्स्ट साइट। देख लेना इस बार मई जरूर लड़की पटाऊँगा ,और सिंगल नहीं रहना है। फेसबुक में अपडेट दूंगा , आई  ऍम इन ए  रिलेशन"। हम लोग तब नौकरी नहीं करते थे,माँ से झूट बोलके पैसा लेके फूल खरीद के गर्ल फ्रेंड को देते थे वैलेंटाइन्स डे में। और कनाई -वह नौकरी करते है , उसकी बात ही कुछ अलग है।

   कनाई के ऑफिस है  मौरी में ,नज़दीक है गर्ल्स स्कूल। पोस्ट ऑफिस के एक काउंटर में जंहा से एनवेलप और ,स्टाम्प मिलते है ,उसकी ड्यूटी वही पे होते थे ,उसने बोलै थे की वह उहा ड्यूटी जान पुचके लिया था ,स्कूल के लड़किया देखने के लिए।

  हमारे क्लब में स्वरस्वती पूजा करते हम लोग ,रात भर जग के मंडप बनाये हम सब ,कनाई हमे चाय और सिगरेट की सप्लाई देते है। दो चार फूल की गमला रात को हम चोरी करते है बनर्जी अंकल  के बागान से। सुवे अंकल बोलते है --हमरे मंडप की फूल की सजावट देख के ,काल रात को मेरे उतने प्यारे से फूल की गमला कौन सा........ चोरी कर लिए। कनाइ  बोल उठा -"अंकल डी एन ए टेस्ट करबा लो ,हम चोरी नहीं करते "

यही कनाई  पूजा के दिन अंजलि देने की बाद से गायब हो गए ,हम सब दोस्त मंडप में गप मरते थे लेकिन कनाई दिखाई नहीं दिए। वह हमे फिर मिले पूजा के दूसरे दिन सआम ,क्या बात है कनाई ,कहा थे तुम। बड़ा गंभीर से बोलै उसने --आई एम् इन लव यार ,क्या खूब सूरत है वह ,ए मेरे लिए ही जग में आए यार ---
जेलस हुआ हम सब ,कनाई की किस्मत कितना बरिये है ,नौकरी तो पहले था ही,वह भी सरकारी ,अब लड़की भी मिल गए।
   दुखी हम  लोग पूजा के बाद कॉलेज में बिजी हो गए।  कनाई  की खबर रख नहीं पाए ,सैटरडे फ्री होते ही क्लब भागे हम ,कनाई की नए लव के बारे खबर सुनने के लिए। क्लब पहुंच गए लेकिन कनै तब तक आये नहीं। क्या बात है यार ,हम सब बोले कनाई अभी तक आये किउ नहीं ?उसकी खबर सुनने के लिए  जल्दी क्लब आ गए। आठ बजे की आस पास कनाई आया ,पूरा मुरझा हुआ। क्या हुआ कनाई तेरा ,ऐसा हाल किउ है ?कनाई धप से बेंच पे बैठा --बोला --भाई पूछ मत ,पूजा के तीसरे दिन ही स्कूल खुले थे ,मई वेट कर रहा था की मेरा क्रश अब आएगा ,अब आएगा ,अचानक एक स्कूल यूनिफार्म पहने हुए बच्ची  मेरे काउंटर में आके बोले-- "ऐ बहार आओ ना"। मेरे ऊपर भाई बाज़ गिरा ,ए तो आठबी क्लास  में पड़ती हुए बच्ची है,इसके पीछे मैंने दो दिन ख़राब  किये ,इसकी खोव\ब में ,साड़ी पहनी हुए इसको मैंने पहचान नहीं पाए। मई भाई उस लड़की को काउंटर से ही चिल्ला
के बोलै में --जाओ ,जाओ स्कूल जाओ सीधा,पुरा ऑफिस भाई मुझे देख रहा था। .... फेस बुक की स्टेटस एक दिन के लिए बद्लाये थे,उसे सुबह ही बदल दिए , पहले की तरह कर दिए,सिंगल  ...




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