वोः कौन थी ? - yodi dong

वोः कौन थी ?

                                                            वोः कौन थी? 



free image of a girl with white saree in a smoke এর ছবির ফলাফল
वोः कौन थी ?
     कौन कौन आपमें से सोच रहे हो की ये एक हिंदी फिल्म की कहानी है,वह हाथ उठाइये ! नेई ,नै भाई, में इस बारेमें सीरियस हु।  इस मामले में कोई अपोस नहीं ,ठीक है चुप चाप पड़ते जाओ , फिर बुरा  लगे   तो कमैंट्स बॉक्स में चार गालियाँ  डाल दीजिये , लेकिन पहले आप सुनो मेरी एक्सपीरियंस। पश्चिम दिल्ली की एक स्टार होटल , जी है , में जहाँ सालो साल नौकरी की ये वही होटल है।उहा की ,एक रात की घटना है ,वोः कौन थी ?

  धुआँ धार बारिश और साथ में ओले गिर रहा है चार- बार ,चार- बार करते हुऐ। हम डेल्हीवाले खुश इस गर्मी के मौसम में इतना बारिस आने पे !दोपहर को सुरु हुआ बारिस ,फिर घंटा बाद से सुरु हुआ तेजी से बारिस, ओले बांध होकर। बच्चे खेलना सुरु किये थे ओले से ,बड़े बच्चे उसे किये उनकी पानियो में !बुजुर्गो ने बोलै कितने साल देखे नहीं ऐसे बारिस !पता नहीं कौन सी बारिस उन्होंने बताया ?कही जवानी वाली बारिस की याद आया होगा!में घर नहीं गए इस बारिस में ,ब्रेक में। लंच किया और फिर स्टाफ क्वाटर चले गए कार्ड  पीटने, बाकि लोगो के साथ,पूरा मूड बन चुके हम लोगो की गप  मरने वाला। वैसे तो हम होटल में गप  मरते नहीं ?सिर्फ काम ही काम है हमारे ! कौन हँसा ये सुनके ?हमारे घर पे पूछो पता चलेगा आपको हम कितने काम बाज़ है।

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साम हो गए,  बारिस रुकने का नाम नहीं ले रहा है ,बिजली की कड़क ,बारिस की झुप,झुप आवाज़ चलते जा रहा है- वोः कौन थी ?नहीं भाई  वह तो भीगा हुआ रस्ते की कुत्ता है ?दो चार गेस्ट आये लंच पे ,कुछ आर्डर मिले होम डिलीवरी की ,लेकिन रास्ता ग्रदुअलय बांध हो रहा था पानी के बजा से। लेकिन फुट फॉल गेस्ट की काम होता गए ,जी एम् सर 6  बजे चले गए ,होटल आहिस्ता,आहिस्ता खली हो रहा है। रूम गेस्ट भी बहार नहीं आये तो कॉफ़ी शॉप ,बार ,रेस्टोरेंट भी खली पड़े है।

एक गाड़ी आये ,एक लेडी उतरा उसमे से ,फ्रंट ऑफिस स्टाफ -राज और बिरजू मोबाइल पे बिजी था ----   -एक्सक्यूज़ में
-यस मैडम -
-मेरा बुकिंग था,प्रिय सचदेवा के नाम से --
-जी,माम् ,मुंबई से -
-यस.....
वोः कौन थी ? जो इतने दुरजोग में भी आ पहुचा ?आछा मुंबई की है,फ्लाइट में थी तो पता नहीं चला weather की। चलो एक रूम तो सेल हुए !रात के 8 बजे,बारिस रुकने की नाम नहीं है ,पूरा एरिया सुनसान होगये। नाईट शिफ्ट की स्टाफ आ पहुचे। हम लोग कैसे घर जायेंगे सोच बिचार चल रहा है। खबर मिले तिलक नगर पूरा पानी में दुब चूका ,स्कूटर फटाफट बांध हो रहा है ,सीलेंसर में पानी घुसके,ये इंजन में घुसके। हमारे ड्राप देने वाला कार बोलेरो है ,प्रॉब्लम नहीं पानी घुसने की।
-सर,सुनील हमारे बार इंचार्ज बोले। आज जल्दी जल्दी खाना लगा देते है आप लोगो की ,घर निकल जायेंगे जल्दी हम लोग। हमभी मन ही मन ,एहि चाहते थे, इस फ्लोर की बार   में -में,जी एम् सर और बार इन्चार्जे एहि पे खाना खाते  है।
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- भाई ,लगा दे खाना। जल्दी जल्दी खाके भागते है। बार में मुझे बिठा के सुनील गए किचन को मेनू बोलने ,टी भी  चल रहा था,न्यूज़ देख रहे थे हम ,मौसम की जानकारी के लिए ,प्लेन  क्रश हुआ बीच रस्ते में बिजली गिरने पे दिखा रहा था टी.भी में। एन सी के ओ टी में सिग्न कर दी। खाना रेडी करेगा किचन ,फिर रूम बॉय सर्विस करदेगा टेबल में हमारे। जी एम् सर चले गए ,बार स्टुअर्ड लोग डिनर करने गए ,में छोड़  दिए उन्हें। अकेले बैठा हु बार में ,इस फ्लोर में रूम है दो साइड में बिस ,सभी गेस्ट रूम में है। थोड़ा सा मूम्फ़ली लिए और चबाना सुरु किये ,क्या बोलै आपने ?बियर ये ड्रिंक्स किउ नहीं लिया ?सर,में यहां नौकरी करता हु,इनका दामाद नहीं हु भाई !
 बहुत सरे होटल की भूतो की कहानी याद आ रहा है मन में !धीरे धीरे हल्का सा डर मन में आ रहा है। सुना है इस होटल जब बन रहा था तो ,एक मजदूरनी रात को , ऊपर से निचे गिर के मर गया था ,उसने नीद में खली लिफ्ट घर को बाथ रूम सोचा था।  बार की सामने की लिफ्ट की दरवाज़ा खुल गए ,में पसीना पसीना होने लगा,सेंट्रल ए सी में बैठ के ,एक रूम बॉय ग्रीन सलाद और खाना लेके निकल आये,साथ में सुनील भी था।
--क्या हुआ सर,सुनील मेरे चहरे देख के पूछा ?
--कुछ ने ही, घर कैसे जायूँगा सोच रहा था ,
---खाना खा लीजिये ,सींग जी गड़ी में बैठा है। ...
जल्दी जल्दी खाना सुरु कर दिए हमने। आज तो सारा दिन ही गॅप चल रहा है ,इसलिए अभी दोनों ही जल दी जल्दी खाना खा रहा था ,एक एक करके स्टुअर्ड लोग आपने डिनर कम्पलीट करके आ रहा था। जो 8 बजे की ड्यूटी ज्वाइन किये वह सरे ग्यारा बजे ,बार क्लोसिंग करके ग्राउंड फ्लोर की कॉफ़ी  शॉप हैंड ओवर लेगा। खाने की बिच में ,राज फ्रंट ऑफिस के स्टाफ मेरे पास आके बोलै -सर ,मुंबई वाला गेस्ट आपने रूम में है नहीं।
--देखो कफ शॉप ये रेस्टोरेंट में होगा।
--नहीं सर ,कही नहीं है ?
--इतना बारिस में जायगा कहाँ ?होटल में ही किसी कोने पे होगा,साथ में कौन था ?
---कोई था नहीं सर। ..
---लगेज तो था की वो भी नहीं था ?
---नहीं सर ,कोई लगेज नहीं था। .
--तो फिर एंट्री कैसे की ?
--में सोचा बारिस की बजा से लगेज नहीं उतर रहा है,बाद में ड्राइवर लाएगा। लेकिन न तो ड्राइवर आये न लगेज। रिसेप्शन कॉल कर रहा हु रूम ३०३ में लेकिन फ़ोन ने उठा रहा। रूम बॉय भेजेथे ,लेकिन दरवाज़ा खुला है ,कोई अंदर है नहीं।
मेरा खाना रहगया ,भाग दौर सुरु वह लेडी कहा गए ?सभी सिक्योरिटी वाले को बुलाये ,होटल,स्विमिंग पूल,बैंक्वेट की फुल लाइट्स ऑन कर  दी। सभी जगा डुंडा पर वह लेडी हवा में गम हो गए। गेस्ट रजिस्टर में उनका सिग्नेचर भी है।
 पुलिस को इन्फोर्म की ,पुलिस आये।वोः कौन थी ? पूछके  रिसेप्शन वाले को धोया।  वह भी कुछ  पाए नहीं सुराग। जिन्होंने बुकिंग दिए थे वह भी फ़ोन नहीं उठा रहा था। मेरे घर जाते जाते रात के वही बारे बज गए। जी एम् सर को बताया ,वह थोड़ा  आन   कंट्रोलड थे--बोलै काल आके सुनूंगा  भट्टा -------रिसेप्शनिस्ट लोगोको बोलै निश्चिंत रहो कही  होंगे , बारिस में कुछ कभी नहीं पाएंगे काल सुभे देखेंगे ,अगर रात को खबर मिले बे झिजक मुझे फ़ोन करना।

सुबहे  छे बजे  फ़ोन आये ऑफिस से ,में फ़ोन उठा के पूछा राज कुछ खबर मिला ,
--जी ,सर वह लेडी जिस प्लेन में थी वह क्रश हो गए। .
--क्या बोल रहा है?होटल से कब निकला वह ?
----सर मुंबई की शाम की फ्लाइट था ,आपने बेटे को हॉस्टल में देखने जा रही थी ,दिल्ली में हमारे होटलनाईट स्टे करके , सुभे बई रोड  जाता। ..लेकिन बीज में बिजली गिरे फ्लाइट में और क्रश हो गए प्लैन। चालिश मिनट के उड़न पे बिजली गिरे थे। टी.भी खुलिये न्यूज़ चैनल दिखा रहा है। ..

फिर रिसेप्शन में कौन आया था ?कौन सिग्नेचर किया था ? वोः कौन थी ?

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