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Wednesday, May 22, 2019

you are selected !


https://www.kakolib.com/2019/05/you-are-selected.html

you are selected



2010  साल ,कोलकाता की  salt lake  में एक रेस्टोरेंट की ऑपरेशनल मैनेजर था में। जनुअरी १२ तारीख पर कोलकाता आये  और रेस्टोरेंट की ऍम डी  से मिले ,उन्होंने बोलै-you are selected"!"उसी दिन से काम चालू कर दिए मैंने। रेस्टोरेंट बिलकुल नया था ,पूरा सेट आप  सुरुकिये मैंने। मालिक ने पूरा छूट दिए -बोले"तापस बाबू आप आपने मर्जी के अनुसर रेस्टोरेंट को सेट आप  करो"। वैसे तो एक दो मशीनरी सेट की और फिर स्टाफ रिक्रूट करना चालू किया। अड़ दिए पेपर में, कंसल्टेंसी कंपनी को रिक्वेस्ट भी भेज दिए। अगले सोम बार  से इंटरव्यू चालू होगी,तिस स्टाफ रिक्रूट करना है ,किचन में  दस  ,तीन केशियर ,पन्द्र स्टाफ फ्लोर के लिए,दो एकाउंट्स ऑफिस के लिए ,सिक्योरिटी था कॉन्ट्रैक्ट की । एक शो  बिस कवर की रेस्टोरेंट है ,फर्स्ट फ्लोर  में। ग्राउंड फ्लोर में है फिफ्टी पैक्स की छोटा बैंक्वेट हॉल। किटी पार्टी या स्माल गाथारिंग के लिए।
इंटरव्यू सुरु हुआ, तो दो दिन में पूरा स्टाफ नियर अबाउट रिक्रूट हो गए,लास्ट डे था तीसरे दिन बुधबार ,अचानक एक cv आये हमारे पास , मुझे  सर बोले-"तापस बाबू देख लीजिये ,हो सकता है सबसे बढ़िया एहि होगा,you are selected ,हिम "। सर बहुत ही पॉजिटिव भाबना  के थे ,जितने दिन में उनके साथ रहा उतने दिन मेरा भी पोसेटिव नेस बार गए थे। पियोन को बोलै "इस बन्दे को भेज  दो अंदर। 'पियोन बहार गए उस कैंडिडेट को भेज ने के लिए ,तबतक में और सर चाय पे सिप लगा रहा था ,आवाज़ आये ,"मई आई काम  इन सर 'बड़ा  प्यारा सा आवाज़ था!में दरवाज़ा की तरफ देखा तो नज़र आये एक बाइस ,तेइश साल  का लड़का ,काम इन ,लड़का कुर्सी के पास आये, बोलै -में आई  सर?ओह yes ।  बैठा ,उसकी मुँह पर हल्का सा हंसी लगे है। सुरु हुआ इंटरव्यू -
-क्या नाम आपका ?में पूछा-
-",विजय रॉय ,सर।'
-ए आपकी पहला जब ?
-ने ही सर ,ये दूसरा जॉब है।
-तो पहले  वाला छोड़ रहा हो  किउ ?
-सर यंहा से मेरा घर   नज़दीक है। मेरा पेरेंट्स अकेले रहते है घर में ,इंहा  जॉब मिल जाये  तो ,उनको सहारा मिल जय गा। में भी जान पाए की में नजदीक हु ,उनकी --
-sir ,इशारा  किये मुझे ,सर हिला के। में ग्रूमिंग और hygine  की ऊपर जोर देता  हु ,लेकिन इसकी बाल  तो थोड़ा बड़ा  है ,
-में बोलै-बाल  काट के आना विजय।
-जी सर।
-कोंग्रटुलशन ,यू अरे सिलेक्टेड 

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पूरा स्टाफ के साथ रेस्टोरेंट फुल चालू हो गए और धीरे धीरे रश भी आने लगे। 2010 में, ए रेस्टोरेंट ,इस एरिया में  अकेला था ,ये ब्लॉक तब डेवेलोप पूरा कर चूका था ,थोड़ा सा प्रमोशन जैसे मैंने किये ,भीड़ चालू।   बाकि लड़के के साथ , विजय काम कर रहा था,लेकिन उसकी बाल , बच्चन की तरा  था,बीच बीच में टोकता था में  ,
-विजय बाल  तेरा और छोटा कर।
फिर काम के प्रेशर में भूल भी जाते थे। विजय पॉपुलर हुआ था रेस्टोरेंट की guest  के पास। उसकी मासूम सा हंसी ,सब के दिल जीत लिए ,धीरे धीरे ,एक एक सब्द बोलता था ,ख़ुशी से काम करते थे ,रात के क्लोसिंग  की टाइम में भी, वह उसका हंसी भूलते नहीं थे। हम हैरान थे की सब स्टाफ के बिच थोड़ा बहुत आना तानी लगे रहते थे ,लेकिन विजय के  किसी के साथ था नहीं।  मेरा गुस्सा संत हो रहाथा ,विजय के मुस को रहत के लिए। छे महीने के अंदर उसकी सैलरी भी बड़े। छे महीना में तीन बार उसे में बोलै-यू आर  सिलेक्टेड ,स्टाफ ऑफ़ द  मंथ!
अच्छा चल रहा था रेस्टोरेंट। मालिक और स्टाफ दोनों ही खुश था। एकदिन पार्टी ख़तम  हुआ रात के डेर बजे, मालिक की  शादी का साल गिरा था ,रात तक पार्टी चले। फिर हम लोग फ्री होते होते दो बज गए थे। किचन स्टाफ और बाकि स्टाफ  को पहले ड्राप दिए ,में विजय को बोलै -"तुम मेरे साथ जाओगे ,थोड़ा रुक जाओ" . 
विजय बेलघाटा में रहते थे ,मेरे घर जाना पड़ता उधर से ,तो मैंने उसको साथ ले लिए।गाड़ी में पूछा -
- विजय तुम्हारे घर माँ बाबा के साथ और कौन कौन रहता है ?
-और कोई है नहीं सर ,में और माँ ही रहता हु। 
-तुम्हारा पिताजी ?
-वह ,पांच साल पहले गुजर चूका। बैंक के स्टाफ था वह। 
-तुम्हारे माँ अकेली रहती है ?
-जी सर ,तभी तो आपके रेस्टोरेंट में जॉब लिए मैंने। 
-आरे ,मेरा रेस्टोरेंट थोड़े है ,में भी तो तुम्हारे तरह उनके  के एम्प्लोयी हु। 
-सिंह जी ,बाये तरफ मेरा घर ,यहां  छोड़ दो तोभी चलेगा ,मुझे बोले सर चलिए ना ,मेरा घर देख लेंगे ,
-इतने रात को ?माँ तुम्हारे सोये होंगे ,फिर कभी -
-में जब तक घर ना पोहुंचू ,तब तक माँ खड़ी रहती खिड़की के पास। 
-क्या कहे रहा है तुम ,उनको बोल्दो की सोजाये   आप ,जब हम आएंगे तो घंटी बजाते दरवाज़ा खोल देंगे। 
-में बोला ,लेकिन वह सुने नहीं। कहते है की अगर में नीद में पर  गए, तो तू बहार रहे जायगा।
में हंस पड़ा ,उसकी बातो में। मेरे घर में भी एक ही कहानी ,इसकी माँ और मेरा  तो माँ और बीवी दोनों जगे रहता ,जब तक घर न पौहचु में !हम नौकरी करते है पैसे के लिए और हमारे घर वाले झेलते रहते उसके लिए। 
विजय साथ में चल ही पड़ा उसकी फ्लैट की तरफ। फाइव स्टोरिएड बिल्डिंग की निचे वाला पोरशन विजय और उसकी माँ की फ्लैट है। गर्मी के टाइम ,विजय की माँ खड़ी थी खिरकी के पास ,रूम के अंदर लाइट जल रहा है। बाकि बिल्डिंग पूरा नीद में खो चूका था। विजय को देख ते ही ,उसकी माँ की मुँह पे हंसी आये और दरवाज़ा खोल दिए उन्होंने।

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-आइये सर। 
घर था वेल पेंटेड कलर फुल ,dinning बड़ा था ,एक सोफे में बैठा ,विजय उसकी माको इसरा में बोला -हमारे रेस्टोरेंट का मैनेजर है। 
-विजय- में बोला ,माँ के साथ मजाक हो रहा तेरा। उसकी माँ की अलग सा एक पर्सनालिटी  था ,देख के लगा ए माँ बेटे बहुत ही अलग है ,सबसे। माँ और बेटे की मुँह में हंसी लगे ही रहे हमेसा। घर टिप टॉप डेकोरेशन और साफ सुत्राः  है ,घर में एयर कंडीशन भी है,47 इंच का टीवी ,ये फॅमिली ऊपर क्लास की होगा। फिर ये रेस्टोरेंट में स्टुअर्ड की नौकरी किउ करता है ?सोच टुटा विजय की बातो से -सर कॉफ़ी ये ठंडा कुछ लेंगे ?उसकी मा ,मेरे तरफ हँसते हुआ देख रहा था मुझे। 
-में बोलै नहीं ,नहीं इतने रात को कुछ लेना नहीं है ,थोड़ा ठंडा पानी दो और में चला। उसकी माँ एक गिलास पानी और बर्फी ले आये।  विजय फिर इशारा में उनको बोला ,टेबल में रख दिए उन्होंने। में अब गुस्से में देखा विजय की तरफ ,उसकी चेहरे पे पहेली बार में उदासी देखा ,बोला-
 -सर मेरा माँ गूंगी और बाहरी है।
 मुझे बिस्वास नहीं हुए ,विजय उसकी माँ की मुँह आपने तरफ हाथ से खिंचा और बोलै-
- माँ आज तक मुझे विजय करके नहीं बुलाये सर ?
उसकी माँ थोड़ी देर के लिए चुप हो गयी थी ,लेकिन पालको मे फिर हंसा ,विजय की गाल में प्यार भरा  चाटा मारा। 
-सर ,में बहार जा नहीं पाते माँ के लिए,अच्छा opurtunity  में छोड़ देते है उनके लिए।  आप मेरे बाल के लिए पूछते थे,हमे बुरा लगा आपके बाते सुन  नहीं पते ,कारन एहि है सर --
में सोचा, माँ बोल नेहो पते तो बेटा , बाल किउ ज्यादा रखा ?
विजय अपना कान की ऊपर से बाल हटाए और छोटा सा रिंग जैसे दिखाया मुझे। 
 -में सुन पता  कम ,हियरिंग ऐड  मेरे लिए काम करता ,लेकिन माँ जनम से सुनता नहीं  ... 

मुझे घर छोड़ने  ऑफिस  की गाड़ी तेजी से चल रहा है। तेज हवा आ रहा है सेकंड ब्रिज के ऊपर।  अपाहिज पेरेंट्स की सेवा करने के लिए  विजय -you are selected एस , सुसंतान। ........ 






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