ASURAN the south Indian movies and its reviews - yodi dong

ASURAN the south Indian movies and its reviews

            ' असुरन'साउथ  इंडियन मूवी की रेविएवस 

असुरन देखने के बाद ही मुझे लगा इसकी ऊपर मुझे रेविवस लिखना चाहिए। लोगो के पास ा खबर पूछा देना है की एक बढ़िया सा क्लासिक कमर्शियल मूवी है असुरन। अगर इसे नहीं देखेंगे तो बड़ा मिस कर देंगे आप एक अच्छा सा फिल्म देखने की मौका। फिल्म देखने की खुसीआ फिल्म खतम होने के बाद आप को महसूस होगा। कहानी,प्रेजेंटेशन ,सिनेमेटोग्राफी ,और कला कर लोगो की अभिनय आप को मोहित कर देगा। मूवी बने है देखने की लायक। 

पुरमोनी द्वारा लिखा गए ए  कहानी  अडॉप्ट किया गए फिल्म के लिए। असली उपन्यास को रिवॉर्ड मिला है ,नाम था बक्कोई। जात पात और ुचा निचा को लेके ये कहानी लिखी गई। उपन्यास की हर चरित्र में प्राण दिए है लेखक ने। ये writter है इस धरती से ऊगा हुआ ,इसलिए इनको पता है हर चरित्र के बारे में ,और अपने लेखनी के सहारे उन सब कॅरेक्टर को , ज़िंदा भी कर दिए थे लेखक। 

Asuran

असुरन स्टोरीज है एक विओलेशन के भरपूर रिवेंज  स्टोरी। वेटरी मारन ,जो डायरेक्टर है इस फिल्म की ,उन्होंने हिँसा को लाये पूरी तरह। आप चाहे जानते हो की हिंसा  कोई भी प्रॉब्लम की सुझाव नहीं होता ,फिरभी इस मूवी के लिए लगा इस की जरुरत था ,नहीं तो ये रिवेंज  स्टोरी अधूरा रहे जाते। जॉब आपके परिबार को अत्याचार से बचाने  की कोसिस करोगे तो अंदर की असुरन निकल ही आते !

धनुष जो हीरो है इस मूवी की उन्होंने श प्रतिसत उजाड़ के एक्टिंग की है। उनकी फिजिकल एक्सप्रेशन आपको मोहित कर देगा। डायरेक्टर वेटरी मारन की टैलेंट स्टोरी चुनने से शुरुआत होते है ,और फिर धनुष  और उनकी जोड़ी तो कमाल की फल दिए !धनुष की  अभिब्यक्ति आप को  चकित करके रहे देगा। साथमे मंजू बोरियर,तीजाय और प्रकाश जी की  एक्टिंग में आप खुश हो जायेंगे। 

अब  सिनेमेटोग्राफी के बारे में  बोलना हो पड़ेगा ,नहीं तो अधूरा  होगा ये रिव्यु । वह क्या फोटो ग्राफी है !हर ऋतू आप मह्सुश करेंगे पिक्चर की सहारे।  उमस और गर्मी आप को छुए गए मूवी देखने के टाइम पे। सिनेमेटोग्राफर है बेलराज ,मज़े की बात तो ये है की उन्होंने ,इस फिल्म में एक किरदर के चरित्र  निभाए।  बहुत दिन लोगो की याद में रहे जायगा उनका ये फोटोग्राफी ,जीबी प्रकाश बहुत दिनों  के बाद ,संगीत बनाया,असुरन   के लिए ,वह भी दुर्दांत वापसी है उनका।   

जात -पात ,अस्पृश्यता ,छमताबन  लोग की दवाब ,जिंदगी की छोटा छोटा खुशीआं, छिन लेने की प्रयास। औरे  के जीने की हॉक भी कोशिश  करते है छीन लेने की। तब निकल आते  है अंदर की दानब ,असुरन।  गलती से हो जाने वाला गौ -हत्त्या के कारन की शिकार होते है वह। शिवास्वमी और उनका बेटे चिदंबरम की जीने की लड़ाई सुरु होते है। अँधेरी रात को जहिं जहिं  कीड़ा की आवाज़ ,और भागते हुए बाप बेटे की दौड़ -आपको भुला देगा आप हो कहाँ ?एक डर ,खो जाने की महसूस आपके मन  के ऊपर  काम करता है....  एहि है असुरन मूवी की खूबी। 

धनुष की एक्सप्रेशन आप  को मोहोत करेगा ,पैर  में जूता पहन के स्कूल आने की लाज (जिन्दगीमे पहेली बार पहना कॉम के रहते हुआ।) एक्ट्रेस की फेसिअल एक्सप्रेशन,आँखों की  नरमिया ,आप को दूसरी जगत में ले जायगा। म्यूजिक की मुरछोना आपको हैरान कर देगा। एक्शन ,विओलेशन कितना प्रकट हुआ इसमें जब आप देखेंगे ,तो पता चलेगा आपको। धनुष और वेटरी मरान  की जोड़ी से एक कमल के मूवी है ये असुरन ,बहुत दिनों बाद एक अच्छा मूवी आये है। 



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