Saturday, November 2, 2019

Delhi and NCR pollution increasing continuously

   Delhi and NCR pollution increasing continuously 

आज कितने साल हो गये दिल्ली के पोल्लुशण बढ़ते जा रहा है। कम होने के नाम ही नहीं,दिल्ली और एन सि आर  के प्रदूषण बढ़ते जा र हा है दिनों दिन। इतना कुछ बाते नेता लोग कहते रहते है, प्रकृति की इस साबधान बानी उनके समझ में नहीं आ रहा है क्या ?ये तो जान पूछ के अनजान बन रहा है ,लेकिन नुकसान है पूरा दिल्ली बसी के ,पोलुशन नुकशान  कर रहा है सब की ,कोई पार्टी समर्थक देख के नहीं कर रहा है। बीमार पड़  रहा है सब ,बुजुर्ग और बच्चे इसमें शामिल है ,सबसे ज्यादा। 
Delhi pollution increasing continuously 
ऐसे अनुमान किया जाता है ,की पोलुशन सुरु हुआ  पहला एशियाड  के समय  सेहि।  उसी टाइम से ही निर्माण सुरु हुआ था ,ज्यादा से ज्यादा नियम तोड़के। स्पोर्ट्स विलेज बने  थे  कानून को अंगूठा दिखाके। पेड़ पौधे साफ हो गए थे  फटा फट। हरा दिल्ली सुखना चालू हुआ तब से। बड़े बड़े बिल्डिंग बन गए ,काम्प्लेक्स बने ,होटल बना  ,पैसे बनाने की चक्कर पे ,ऑक्सीजन जो  सबसे जरुरी है ,जो प्रकृति हमे मुफत में सप्लाई देते है ,उसेही कॉम करने की जबर्दस्ती हम दिल्ली वाले ही सुरु किया।  उसी का नतीजा है एहि पोलुशन। 

हम आपने भूल की दूसरे नाम दिए है। कहते है -'दिल्ली की आस पास वाले राज्य धन पराली  जलने के कारन ही ,पोलुशन हो रहा है इतना दिल्ली में। हम भूल गए पेड़ काटने की गलती ,इतना फैक्ट्री बनाना ,हाई राइजिंग बिल्डिंग तैएर करना। और पेड़ न लगाने की पाप है, आजके पोलुशन। जितने दिसेल की वेहिकल चलते है दिल्ली में उसकी दूषणकाः जायगा ,मायापुरी डेल्हीकी एक इंडस्ट्रियल बेल्ट है ,जा के देखिये, पूरा ठेंगा दिखा के फॅक्टरीआ चल रहा है और दूषण  फैला रहा है। लम्बे लम्बे युकलिप्टुस  पेड़ था ,आज काल कितने देख पते आप? 

हज़ारो कार और बाइक  रोज़ सुभे से लेके रात तक  दौड़ते है दिल्ली में, उसकी पोलुशन कहा जायगा ,मेट्रो रेल बने है दिल्ली में ,थोड़ा सा गद्दी चलना कम हुआ ,लेकिन डेवलपमेंट की सुरु में जो भूल किया उसकी
किम्मत , दिन के दिन बढ़ते ही जा रहा है। दिल्ली में हर किसीके पास कार येतो बाइक है ,और एक नहीं की,एक एक के पास तो दो दो था में खुद देखा लोग कपडा कलर कर रहा है रास्ता किनारे ,उसकी केमिकल मिलरहा है नाले में,जमीं में। निकल फैक्ट्री खुले आम निकल कर रहा है , दिल्ली की जन बहुल मार्किट में।

बड़े बड़े फॅक्टरीआ उनका केमिकल युक्त पानी और धुआँ आसानी से मिला रहा था डेल्हीके आकाश में। कभी नगर निगम को चुपके येतो लालची नगर निगम स्टाफ को पैसे देके !आज पन्द्र दिनों से दिल्ली की आश्मान छाए है धुआँ में। बच्चे स्कूल जाते ,बुजुर्गो घूमने जाते इसी आश्मान के निचे और बीमार हो जाते तुरंत। कैसे बचेंगे हम इस पोल्लुशण के हाथ में से ,कैसे बचाएंगे हमारे फेमस ,इंडिया की शान दिल्ली को ?


यीस साल गवर्नमेंट का  कहना है की दिल्ली की पोल्लुशण काम हो गये। निर्माण बांध किया गए ५थ नवंबर  तक। नॉएडा ,ग्रेटर नॉएडा ,दिल्ली ,गुडगाँव इसकी  चपेट में है।   आस पास की राज्य को अनुराध किये  गए पुवाल मत जलावे। दिवाली में धुआँ वाला पटाखा और आवाज़ वाला पटाखा न जलाये। पुलिस को निगरहि रखने बोलै गए ,लोग भी थोड़ा डरे और समझे है की -सबधाणी हमे खुद करनी होगी ,नहीं तो दिल्ली में मानव जाती तथा प्राण नहीं रहे गा। में रिस्पांसिबिलिटी के साथ कहे रहा हु ,जी काम आये ये सबधाणी !

अब चाहिए इस सबधाणी के साथ ,दिल्ली को हरा बनाने की कोसिस ,पौधा लगाए सब ,जंहा भी खली जगा मिले उंहा  पेड़ लगाइए। खतरनाक केमिकल वाला फैक्टरी  बांध करे।   बांध करे आपने लालच के कारन पेड़ पौधा खतम करना। उत्सव मनाइये पोर अपना परिबेश को बचाके। हाई राइजिंग बिल्डिंग वाले आपने बिल्डिंग में प्लांट लगाइये ,की बाताबरण में ऑक्सीजन की कमी न हो !आप आपने बच्चे को एहि संस्कार पहले दीजिये की प्रकृति को सेवा करो,रक्षा करो। नहीं तो प्राणहि नहीं रहेगा।

दिल्ली में देवली के दिन हमारे होटल में बोनस दिया जाता। बता जाता है दिवाली गिफ्ट और मिठाई। धुआँ और पोल्लुशण के कारन में बेसमेंट की ऑफिस  में रहे जाता था.मुँह में मास्क लगाके कार की शीशा उठा के ऑफिस से घर वापस आता ,ख़ुशी की दिवाली मेरे लिए आतंक की दिवाली होते थे ,दिल्ली में !  दिवाली की दूसरे दिन ही मुझे डॉक्टर के पास जाना पड़ता था। मेरे जनकपुरी  की फ्लैट के सामने वाला पेड़ में घोसला होते थे पंछियो के। उनमे से दो चार मरे पड़े रहता दिवाली की दूसरे दिन। ......

पोल्लुशण के लिए आप सबसे बिनती है पॉलिटिक्स को दूर रखिये। उनके टाइम में कितना पोल्लुशण होता आज कितना होता एहि लड़ाई को रोकिये। आज की दिल्ली में लोधी रोड इलाके में पीएम 2.5 और पीएम 10 दोनों ही 500 पहुंच गया जोकि 'गंभीर श्रेणी' में आता है।इंदिरा पु रम में 449 एयर क्वालिटी इंडेक्स है और नॉएडा में वही एयर क्वालिटी इंडेक्स है- 451 ..हॉट मिक्स प्लांट और स्टोन क्रशर बांध है अभी। धन के परेली जलना बिलकुल बांध किया गए। 

सुप्रीम कोर्ट ने सरकार  को पूछा था इस दमघुट बायु  के बजा क्या है ?सरकारी रिपोर्ट आए ,की -आसपास की राज्य धान  की पराली जला रहा है ,इसलिए ऐसे weather  दिल्ली की है ,पंजाब में अभी भी पराली जला रहा है ,जबकि पोलुशन ४१% काम हुआ  है ,पिछले दो साल की तुलना में। लोग फिरभी एक्साइज कर रहा था पार्क में ,उन्हें मन किये गए ,बहार एक्साइज करने में और स्कूल भी ५थ नवंबर तक छुट्टी दिया  गए। लेकिन मेरे समझ में नहीं आरहा है, पिछले २० साल से,Delhi and NCR pollution increasing continuously,  दिवाली के बाद ही,दिल्ली की  पोल्लुशण की मात्रा इतना किउ बड़  रहा  है ? 












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