Wednesday, March 11, 2020

Hindi kahani kitab se

                      hindi love story in short/हिंदी लव स्टोरी इन शार्ट 




हिंदी लव स्टोरी इन शार्ट की शुरुआत ऐसे होते है -एक खूबसूरत सी लड़की रहती थी  इसी गाओं में। साथ में उसकी रहती थी उसकी माँ और छोटा भाई। पिताजी गुजर गए थे बहुत साल पहलेही। उसका माँ काम करके दोनों बच्चो को पढ़ाई  करवाए। लड़की थी खूबसूरत,जैसे हमारे और आपके घर के बेटिया  होते है। भाई भी बहुत ही नेक लड़का था ,पढ़ाई के साथ साथ घर चलाने के लिए छोटा मोटा काम कर ते था। वह लोग गरीब थे मगर घर दुवार था साफ सूत्र सा। अलग सा 
है ये हिंदी लव कहानी। 

सहर के दूसरे कोने में था एक लड़का जो बिलकुल अकेले थे। वह बड़ा हुआ बड़े तकलीफ के साथ। दुकानों में काम करके एक छोटा घर बनाये थे। पडोसिओ के काम में हमेसा सबसे पहले था वह। किसीको कोई भी मदद चाहिए तो एहि लड़का है। लोगो ने उसकी अच्छाई की गुण  गान कर्ता था। और उसकी शादी की  उम्र हुआ तो 
पहेली वळिलेडकी के साथ शादी करवा दिए। 

एहि लड़का और लड़की परिवार बनाय  आपने। बहुत सरे कमी थी उनके संसार में। घर बड़ा नहीं था। पैसे ज्यादा नहीं था। सोने की गहना भी नहीं थे। लेकिन दोनों में प्यार था बहुत ज्यादा ,खुशियाँ थे दुनिया भर के। लड़की की ये बड़ी  बड़ी  आँखे ,प्यारी सी बाते ,और लम्बे घने बल उसको मशहूर कर दिए उस गाओं में। गाओं वाले कहते रहे कितना लम्बा और घने बल हे मिना की !

लड़का राजू भी बहुत खुश था, उसकी बीवी की रूप के बज़ा से ही। कोशिश करता था कैसे और ज्यादा कमाई हो सके ,जिस से आपने बीवी को खुश रख पाए। रोज़ काम से लौटने के समय राजू अपने बीवी के लिए कुछ कुछ हाथ में लता था ,जिस दिन कुछभी न ला पते, एक फूल ही उठा लाते अंकल की बगीचा में से। राजू की बीवी मीना उसी में ही खुश थी। 


दिवाली आ रहा था। चारो तरफ अगम ख़ुशी की खबर फैला जा रहा था। अपने अपने परिवार वालो के लिए उपहार खारिद रहा था सब। राजू भी आपने बीवी के लिए उपहार खरीद ने की मन बना लिए। आपने खूबसूरत बीवी को दिवाली उपहार देना था उसे। इधर मिना आपने पति के लिए उपहार चुन रख्खा था ,ठीक किया दीपावली  की सुभे दुकान से ले आएगा ,और अपना पति को सरप्राइज देगी। 

दीपावली के सुभे ,राजू दुकान चले गए काम में ,रात को काम से वापस आएगा। राजू सोच ते हुआ गए रात को आके मीणा को उसकी उपहार दूंगा। राजू के निकल तेहि, मिना निकल पड़े उसकी पति के लिए उपहार खरीद ने। दोनों ही खुश थे और उत्तेजित भी ,की आज वह एक दूसरे को पहला बार उपहार देगा। दोनों एक दूसरे के बारे में सोच रहा था की वह कैसे सरप्राइज देगा ,एक दूसरे को। 

राजू की आज थोड़ा देर होगये ,दुकान से लौटते समय.मालिक छोड़ नहीं रहा था। राजू आपने बीवी के लिए गिफ्ट और अंकल जी की बगीचा से एक फूल भी उठा लिया था। मिना खाना बना के ,खिड़की से बहार देख रहा था राजू दिखाई दे रहा की नहीं। राजू आये ,हाथ प्यार धोये और बीवी को पैकेट दिए ,बोलै एहि है तुम्हारे दीपावली के उपहार। मीणा आपने अंचल पे छुपाके  रख्खा था ,राजू की गिफ्ट। 

राजू आपने बीवी की माथे पे फूल लगाने के लिए जैसेही घुंगघाट हटाए ,तो उसे शौक लगा !उसकी बीवी की लम्बे बाल आधा है ,राजू उसकी बीवी को तिखना नज़र से देख रहा था ,मिना धीरे धीरे अपना अंचल के निचे से एक घड़ी की बेल्ट निका ला और बोली -आपके घड़ी के बेल्ट पुराण हो चूका था ,इस लिए मैंने आपने बाल ,आधा बेचके ये लायी,राजू धप से बिस्तर पे बैठ गए और उसकी हाथ से मीणा के लम्बे बल के लिए ख़रीदा हुआ चाँदी की  कोंगी ,  आवाज़ करके गिरा फ्लोर में। ....... उसने आपने घडी बेच दिए मीणा के कोंगी खरीदने के लिए।मशहूर हिंदी लव स्टोरी इन शार्ट ऐसेही समाप्त होता है