kaise hay hospitality management ke staff

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kaise hay Hospitality Management ke service staff lock down me


कैसे है हॉस्पिटैलिटी मैनेजमेंट स्टाफ लॉक डाउन में
कैसे है हॉस्पिटैलिटी मैनेजमेंट स्टाफ लॉक डाउन में 



कोरोना वायरस को रोकने के लिए भारत बर्ष में 22 मार्च  से लॉक डाउन चालू हुआ। 


ऑफिस आते है , हॉस्पिटैलिटी मैनेजमेंट के साथ जुड़ा सभी कर्मचारी ,क्लीन शवेद ,वेल कबेद ,आयरन किया हुआ लेटेस्ट कपड़ा या तो यूनिफार्म पहनके ,भीनी भीनी सी खुशबू निकल ते है देशी बिदेशी बॉडी स्प्रे की !ज्यादा सा स्टाफ  की खुशिया की झलक देते है,उनकी चेहेरे से। अचानक एहि खतरनाक वायरस-  सभी स्वप्ने को एक झटके में खतम कर दिए,लॉक डाउन में आ गए होटल इंडस्ट्री भी!

हमारे एक कलीग है ,बिलकुल खुश थे वह आपने पेरेंट्स और बीवी बच्चे के साथ। अच्छा पैकेज था ,आपने घर है ,अचानक उसकी बीवी को ब्लड कैंसर होते है ,फिर लड़ाई चालू उसका। भगवन के दया से आज उसकी बीवी सस्थ है ,सब कुछ ठीक हो गये। आज 55 दिन हो गये ,41 स्टाफ लड़ाई कर रहा है ,वायरस के साथ और इसी लॉक डाउन की कर्म हिन् समय के साथ। 

में ने सिर्फ एक रेस्टोरेंट की बाटे की जंहा पे में जॉब करता हु । ऐसेही कितने लाखो क्रोरो हॉस्पिटैलिटी  मैनेजमेंट की स्टाफ है दुनिया भर में ,उन सभी का क्या खबर ? कैसे है वह 
कौन जाने ?हमारे रेस्टोरेंट 1 महीना की सैलरी अभीतक दे नहीं पाए। मार्च महीने की सैलरी मिलते ही ,हाथ खड़ा करदी उन्होंने !नो इनकम, तो नो सैलरी फॉर स्टाफ !इसी दुनिया में एक दूसरा खबर है ऐसे भी ----

कोरोना वायरस के कारन जो लॉक डाउन किया गए -22 मार्च से आज १६ मई तक चल रहा है ,वह हॉस्पिटैलिटी इंडस्ट्री और ट्रेवल इंडस्ट्री को पूरा कमर थोड़ दिए है। लॉक डाउन के बाद भी उसे संभल ने के लिए बहुत समय लग जायगा,रहत मिलने की उम्मीद तो नज़र नहीं आ रहा है। 

कन्फेडरेशन ऑफ इंडियन इंडस्ट्री के मुताबिक कोरोना के बाद हुए लॉकडाउन की वजह से बड़े होटल समूहों को करीब 1.10 लाख करोड़ रुपये का नुकसान उठाना पड़ेगा. ऑनलाइन ट्रेवल एजेंसियों को करीब 4,312 करोड़ रुपये का नुकसान होगा. टूर ऑपरेटर्स को करीब 25,000 करोड़, एडवेंचर टूर ऑपरेटर्स को करीब 19,000 करोड़ और क्रूज टूरिजम को करीब 419 करोड़ रुपये का नुकसान उठाना पड़ेगा। 

चलिए एहि सरे तो अकड़ा है ,प्रैक्टिकली फिर क्या किया जाये। कोरोना को खतम करने की कोई भी मेडिसिन ये टेक्निक किसी के पास है नहीं। होनेस्त्ली कहे तो राजनीती के महा प्रभुए के आवाज़ ये बतला हमारे घर की  खर्चा संभाले गए नहीं। हमारे परिवार की रोज़ का खरचा  हमे ही जुगाड़ करना होगा भाई लोग। ये पॉलिटिशियन आपने आपने पांच साल की जुगाड़ में लगे है ,और हम जैसे नालायक उनको बिस्वास करके ,खुदकी घर के प्रॉब्लम को इग्नोर कर रहा हु !

ऐसे समय जब सभी आदमी डरे है ,मौत की डर , हमे घेर चुके है। तभी दिखाई दे रहा बहुत सरे गृद्ध जो आप और हमे खाने के लिए सर के ऊपर उड़ रहा है। कोई एक महीने की सैलरी भी नहीं दे प् रहा है। कितने बड़े बड़ेबाते करते थे वह लोग ,सभी चुप होगये। इनके ऊपर क्या भरोसा करोगे आप ?

आज खोल दो रेस्टोरेंट हम आपने जिंदगीके बारे में सोचेंगे नहीं काम पे आ जायेंगे ,और फिर हमारे हज़ार रूपया के बदले में, आप क्रोरो कमा लेना। हे महानुभब राजनीतिज्ञ !आप ने तो इतना करो, हम जैसे नौकरी वालो की सैलरी काम से काम मिल जाये। फेको मत!   होस्पित्तलीत्य मैनजमेंट स्टाफ को आते है सिचुएशन को हैंडल करना,किउ की हमारे एजुकेशन प्रैक्टिकल नॉलेज की ऊपर  ही है। इस सिचुएशन को भी हम लड़ लेंग्गे। 

जब  मुंबई  ताज होटल में टेर्रोिस्ट अटैक हुआ ,तब सभी आपने आपने तरीका से लड़ रहे थे ,लेकिन अंदर जो हॉस्पिटल मैनजमेंट की क्रान्त निदर्श दे रहा था वह है उसकी जनरल मैनेजर। आपने बीवी बच्चे को गोली लगे , लेकिन फिर भी वह भागे नहीं ,आपने गेस्ट की जान एक के बाद दूसरे की बचा रहे थे वह !हॉस्पिटैलिटी मैनेजमेंट की एक दृष्टान थे वह !

किसी पॉलिटिशियन  की घरवाले कोरोना की अटैक में आये नहीं भाई ,कैसे आएगा,उनको तो स्पेशल हिसाब। नहीं में एहि कहना नहीं चाहता  उनको हो ,नहीं, चाहता हु की दुनिया की किसी को न हो एहि कोविद-१९ अटैक। आज इंडिया चीन को टपका के पहले में आ गए !कोविद-१९ की बीमारी में। महान  भारत बसिओ खुश हो जाओ !